फिर जारी हुआ भारी बारिश का रेड अलर्ट, अलर्ट रहने के निर्देश

Astitva Times Desk
11 Min Read

 

देहरादून। प्रदेश में मानसून की बारिश का क्रम आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की बात करें तो अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग फिर से सतर्क हो गया है।

विभाग ने सभी जिलाधि​कारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। प्रदेशभर में तीन सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। आज शनिवार को देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अन्य जिलों के लिए मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

रविवार 31 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर जिलों में में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट जबकि अन्य​जिलों में मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा का येलो अलर्ट दिया गया है। इसी तरह 1 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जनपदों में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट और 02 सितंबर को राज्य के देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी हुआ है।

3 सितंबर को प्रदेश भर में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी हुआ है। इस तरह सितंबर के पहले सप्ताह में भी बारिश का क्रम जारी रह सकता है। उधर जानकारों का कहना है कि 15 सितंबर तक मानसून की बारिश इसी तरह जारी रह सकती है। उसके बाद ही मानसून की बारिश का क्रम हल्का पड़ सकता है।

30.08.2025 को राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी एवं बागेश्वर जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने संभावना है (रेड अलर्ट ) साथ ही अन्य शेष जनपदों में मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा होने की वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट)।

31.08.2025 को राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, एवं बागेश्वर, जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने संभावना है (रेड अलर्ट) साथ ही अन्य शेष जनपदों में मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा होने की वर्षा होने की संभावना है। (येलो अलर्ट)

01.09.2025 को राज्य के देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल जनपदों में अत्यधिक वर्षा होने संभावना है (रेड अलर्ट ) साथ ही अन्य शेष जनपदों में मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा होने की वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट )

02.09.2025 को राज्य के देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में में अत्यधिक वर्षा होने संभावना है (रेड अलर्ट) साथ ही अन्य जनपदों में मध्यम से भारी बहुत भारी वर्षा होने की वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट)

03.09.2025 को राज्य के समस्त जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है (येलो अलर्ट)

 

देहरादून। गुरुवार रात से जारी बारिश ने उत्तराखंड के कई जगहों पर जमकर कहर बरपाया है। चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में शुक्रवार तड़के बादल फटने व भारी बारिश से तबाही मच गई। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में दबकर पति- पत्नी की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील में रात को बादल फटने से कई लोग लापता हैं। यहां मलबे में कई घर और वाहन दब गए। टिहरी के बूढ़ाकेदार में भी बादल फटा जिससे भारी नुकसान हुआ है। बालगंगा और धर्मगंगा नदियां उफान पर हैं।

यहां हुआ नुकसान
चमोली में लैंडस्लाइड की चपेट में आए दंपत्ति, दोनों की मौत

रुद्रप्रयाग बसुकेदार में आठ लोग लापता, एक महिला की मौत

टिहरी के बूढ़ाकेदार में भी बादल फटा, कई मकानों को नुकसान

अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, गंगा भी उफान पर
हरिद्वार में जलभराव से स्कूल बंद, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया

सिरोबगड़ से श्रीनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग आंशिक रूप से सुचारू

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
रुद्रप्रयाग के बसुकेदार के तालजामण क्षेत्र में फंसे लोगों को एसडीआरएफ ने निकालने का अभियान शुरू किया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि अब तक लगभग 200 लोगों को सुरक्षित सरकारी स्कूल में शिफ्ट किया है। छेनागाड़ में फंसे बस ड्राइवर व कंडक्टर समेत अन्य लोगों को भी डीडीआरएफ ने सुरक्षित निकाल लिया है। रेस्क्यू टीमें लगातार असुरक्षित इलाकों में पहुंच रही हैं।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और देहरादून जिलों में अति तीव्र बारिश की आशंका जताई गई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, जोशीमठ, सोनप्रयाग, कपकोट, चकराता और विकासनगर समेत कई इलाकों में भारी से भारी बारिश हो सकती है।

नदियां खतरे के निशान पर
रुद्रप्रयाग पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि मंदाकिनी और अलकनंदा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं हरिद्वार में गंगा का जल स्तर चेतावनी स्तर को पार कर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जिलों की स्थिति पर उच्चस्तरीय बैठक कर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सरकार हर हाल में जनता के साथ खड़ी है और सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

देहरादून। प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की जानकारी मिली है. बादल फटने की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया. देखते ही देखते मूसलाधार बारिश के साथ मलबा कई घरों में घुस गया और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. चमोली में 2 लोग लापता हैं, जबकि कई जानवर मलबे में दबे हुए हैं।

उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में बादल फटा है। जिसमें पति-पत्नी लापता हैं और दो लोग घायल हो गए, साथ ही 20 मवेशी मलबे में दबे हैं। वहीं टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव पर भी बादल फटा है। गनीमत यह है कि अभी तक यहां किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में भी बादल फटा है। यहां जखोली ब्लॉक के छेनागाड़, बांगर सहित कई जगहों पर अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।

बृहस्पतिवार को देर रात से हो रही तेज बारिश शुक्रवार को भी जारी है। बृहस्पतिवार रात को तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कुछ घरों के मलबे में दबे होने की सूचना है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मोपाटा में रहने वाले तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। इनके आवास और गोशाला के मलबे में दबने की सूचना है। इसमें 15 से 20 जानवर भी मलबे में दबने की सूचना है।

चमोली जिले के सभी ब्लॉकों के स्कूलों में आज अवकाश घोषित
डीएम ने बताया कि तहसील प्रशासन की टीम मौके लिए रवाना हो गई है। इधर, भारी बारिश को देखते हुए चमोली जनपद के सभी विकास खंडों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। भारी बारिश के चलते देवाल में रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं। थराली में भी रात से हो रही बारिश से लोग सहमे हैं। आदिबदरी, कर्णप्रयाग में भी तेज बारिश हो रही है।

कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में पहाड़ से आया मलबा
कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में ऊपर पहाड़ से मलबा आया है जो लोगों के घरों में घुस गया। जेसीबी मशीन के द्वारा मलवा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में भी फटा बादल
भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव के ऊपर बीती रात को बादल फटने की घटना हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि बादल फटने से कोई जनहानि नहीं हुई है। कृषि भूमि, पेयजल लाइन, विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम गेंवाली गांव रवाना हो गई है। अलग-अलग स्थान पर पैदल पुलिया और रास्ते टूट गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है. इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से कर रहा है. मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आपदा सचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं.”

रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी के संगम पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!