पुत्र जसपाल राणा के निधन का सदमा नहीं सह पाईं माता श्यामा देवी, दिल्ली के सैनिक अस्पताल में ली अंतिम सांस
नई दिल्ली। प्रसिद्ध निशानेबाज एवं कोच जसपाल राणा की माता तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की सास श्यामा देवी का आज निधन हो गया। परिवार और करीबी सूत्रों के अनुसार, 12 जून को उनके पुत्र जसपाल राणा के निधन के बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। बताया जा रहा है कि पुत्र के निधन की खबर से श्यामा देवी गहरे सदमे में थीं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली स्थित सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद आज उन्होंने अंतिम सांस ली।
श्यामा देवी अपने पुत्र से बेहद स्नेह रखती थीं और उनके अचानक निधन का आघात वह सहन नहीं कर सकीं। माना जा रहा है कि इसी गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा। श्यामा देवी के निधन से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर के बाद विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और खेल जगत से जुड़े लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। गौरतलब है कि 12 जून को जसपाल राणा के निधन की खबर ने खेल जगत को भी स्तब्ध कर दिया था। महज चार दिनों के भीतर उनकी माता श्यामा देवी के निधन पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

देहरादून। राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री कुलदीप बुटोला ने प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ी तथा देवभूमि उत्तराखण्ड के गौरव जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि यह समाचार अत्यंत दुःखद, स्तब्ध करने वाला और खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
कुलदीप बुटोला ने अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और समर्पण के बल पर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गौरवान्वित किया। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की धरती ने एक ऐसे महान खिलाड़ी को खो दिया है, जिसने अपनी प्रतिभा और अथक मेहनत से न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया। खेलों के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और भारतीय खेल इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
राज्य मंत्री कुलदीप बुटोला ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की कामना की। साथ ही उन्होंने शोक संतप्त परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों तथा उनके असंख्य प्रशंसकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि पूरे खेल जगत के लिए यह अत्यंत भावुक क्षण है और जसपाल राणा के योगदान को सदैव सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।












