प्रदेश में 252 उम्मीदवारों की संपत्ति 1 करोड़ से ज्यादा, 100 से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ हैं मुकदमे दर्ज

MS Malik
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विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों, संपत्ति और शैक्षिक योग्यता का खुलासा

द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े, 632 प्रत्याशी उतरे हैं इस बार चुनावी मैदान में

देहरादून। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरे 632 उम्मीदवारों में से 107 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। प्रदेश में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या भी कम नहीं है। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और उत्तराखंड इलेक्शन वॉच ने अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि 632 में से 626 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। विधानसभा चुनाव 2022 में इस बार 40 प्रतिशत प्रत्याशी करोड़पति हैं। प्रदेश में 14 फरवरी को मतदान होना है। इन चुनावों में कुल 632 प्रत्याशी मैदान में है। जिसमें से 626 के शपथ पत्रें का विश्लेषण किया गया है। इसमें से 252 प्रत्याशियों की संपत्ति एक करोड़ से अधिक है। हालांकि इस दौरान 6 उम्मीदवारों का विश्लेषण नहीं किया है। क्योंकि उनके हलफनामे या तो बुरी तरह से स्कैन किए गए थे या चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पूरी तरह से अपलोड नहीं किए गए थे। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 626 उम्मीदवारों में से 107 (17 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 637 उम्मीदवारों में से 91 (14 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। 61 (10प्रतिशत) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 54 (8प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे। एडीआर के मुताबिक इस चुनाव में कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में से 23 (33प्रतिशत), भाजपा के 70 उम्मीदवारों में से 13 (19 प्रतिशत), आम आदमी पार्टी के 69 उम्मीदवारों में से 15 (22 प्रतिशत), बहुजन समाज पार्टी के 54 उम्मीदवारों में से 10 (19प्रतिशत) और यूकेडी के 42 उम्मीदवारों में से 7 (17प्रतिशत) ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में से 11 (16प्रतिशत), भाजपा के 70 उम्मीदवारों में से 8 (11प्रतिशत), आम आदमी पार्टी के 69 उम्मीदवारों में से 9 (13 प्रतिशत), बहुजन समाज पार्टी के 54 उम्मीदवारों में से 6 (11प्रतिशत) और यूकेडी के 42 उम्मीदवारों में से 4 (10 प्रतिशत) ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 6 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है। 6 उम्मीदवारों में से 1 उम्मीदवार ने एक ही महिला पर बार-बार बलात्कार करने वाले व्यत्तिफ से संबंधित मामला घोषित किया है। 1 उम्मीदवार ने अपने खिलाफ हत्या (आईपीसी धारा-302) से संबंधित मामले घोषित किए हैं। 3 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा-307) से संबंधित मामलों की घोषणा की है। 70 निर्वाचन क्षेत्रें में से 13 (19प्रतिशत) रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र हैं। रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र वे होते हैं, जहां चुनाव लड़ने वाले 3 या अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 626 उम्मीदवारों में से 252 (40प्रतिशत) करोड़पति हैं।

2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में, 637 उम्मीदवारों में से, 200 (31प्रतिशत) करोड़पति थे। भाजपा के 70 उम्मीदवारों में से 60 (86प्रतिशत) करोड़पति हैं। इसी तरह कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों में से 56 (80प्रतिशत) करोड़पति हैं। आम आदमी पार्टी में 69 उम्मीदवारों में से 31 (45प्रतिशत) करोड़पति हैं। बहुजन समाज पार्टी के 54 उम्मीदवारों में से 18 (33प्रतिशत) करोड़पति हैं। वहीं, यूकेडी में 42 उम्मीदवारों में से 12 (29प्रतिशत) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति घोषित की है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में लड़ने वाले प्रति उम्मीदवार की औसत संपत्ति 2-74 करोड़ रुपये है।

2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 637 उम्मीदवारों के लिए प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 1-57 करोड़ रुपये थी। कांग्रेस के 70 उम्मीदवारों के लिए प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 6-93 करोड़ रुपए है। इसी तरह बीजेपी में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 6-56 करोड़ रुपए, आम आदमी पार्टी में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 2-95 करोड़ रुपए, यूकेडी में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 2-79 करोड़ रुपए है। इसी तरह बहुजन समाज पार्टी में प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 2-23 करोड़ रुपए है। उत्तराखण्ड में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार प्रचार वार में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं।

चुनाव में उतरे 140 उम्मीदवार हैं ग्रेजुएट
विधानसभा चुनाव में कुल 632 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें से 626 के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से तीन प्रत्याशी अनपढ़ हैं। 26 सिर्फ साक्षर हैं। 15 प्रत्याशी सिर्फ पांचवी पास हैं। 61 आठवीं तक पढ़े हैं। 68 दसवीं और 100 प्रत्याशी सिर्फ 12 वीं पास हैं। पांच से 12 वीं तक पढ़ने वाले प्रत्याशियों की संख्या 273 है। एडीआर की जारी रिपोर्ट में प्रत्याशियों की शिक्षा का भी ब्यौरा दिया गया है। इस ब्यौरे के अनुसार राज्य में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में 140 ग्रेजुएट हैं। ग्रेजुएट प्रोफेशनल की संख्या 59 है। पोस्ट ग्रेजुएट 130 हैं। 15 डाक्टरेट भी हैं। सात प्रत्याशी डिप्लोमा धारक हैं। दो प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्होंने अपनी शिक्षा का ब्यौरा ही नहीं दिया। 244 प्रत्याशियों के रूप में कुल 39 प्रतिशत ने अपनी शैक्षिक योग्यता पांचवी और 12 वीं के बीच घोषित की है। 344 प्रत्याशियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक या ज्यादा घोषित की है।

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